झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का निष्कासन वापस लिया, संगठन में वापसी का रास्ता साफ

झारखंड कांग्रेस ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का निष्कासन वापस लिया, संगठन में वापसी का रास्ता साफ

Jharkhand Congress revokes former minister Yogendra

Jharkhand Congress revokes former minister Yogendra

रांची। Jharkhand Congress revokes former minister Yogendra, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का निष्कासन वापस ले लिया है। साव को इसी वर्ष लगभग तीन महीने पहले मार्च महीने में तीन साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था।

उनपर आरोप था कि उन्होंने इंटरनेट मीडिया (फेसबुक लाइव) पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इस प्रकरण में अनुशासन समिति ने उनके आचरण को पार्टी विरोधी और गठबंधन विरोधी मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की थी।

इस अनुशंसा के बाद उन्हें तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इधर, गुरुवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने पूर्व विधायक योगेंद्र साव के निष्कासन के आदेश को तत्काल प्रभाव से रद कर दिया है।

इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश की सूचना देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत यह निर्णय लिया गया है।

सिन्हा ने कहा कि निष्कासन का आदेश वापस लेते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्य्क्ष केशव महतो कमलेश ने उम्मीद जताई है कि योगेंद्र साव पूर्व की तरह पार्टी की नीतियों एवं सिद्धांतों के अनुरूप संगठन को सशक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

इसके पूर्व 21 मार्च को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अनुशासन समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री डा.रामेश्वर उरांव ने उनके निष्कासन की अनुशंसा की थी। आरोप था कि योगेन्द्र साव के द्वारा लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से वर्तमान गठबंधन सरकार एवं मुख्यमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक एवं अनुशासनहीन टिप्पणियां की जा रही थीं।

इसी बीच, फेसबुक लाइव के माध्यम से भी उन्होंने सरकार के खिलाफ अनुचित बयान दिए। अनुशासन समिति ने इस आचरण को पार्टी की छवि के प्रतिकूल एवं संगठनात्मक नियमों का उल्लंघन मानते हुए गंभीरता से लिया।

अनुशासन समिति ने कहा है कि वर्तमान गठबंधन सरकार में कांग्रेस पार्टी की भागीदारी है, ऐसे में इस प्रकार के सार्वजनिक वक्तव्य पार्टी की मर्यादा के विरुद्ध है। बताते चलें कि योगेंद्र साव कांग्रेस के मजबूत नेता रहे हैं और हजारीबाग के बड़कागांव से वे स्वयं, उनकी पत्नी निर्मला देवी और बेटी अम्बा प्रसाद अलग-अलग समय में विधायक रहे हैं।

एनटीपीसी के खनन क्षेत्र में आनेवाले योगेंद्र साव के घर को मार्च महीने में ही बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया था। प्रशासन की कार्रवाई के बाद पूर्व मंत्री नाराज थे और उन्होंने फेसबुल लाइव पर पार्टी के नेताओं के साथ-साथ गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हेमंत सोरेन को भी भला-बुरा कहा था।

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